August 27, 2026
Patna , Bihar
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Bihar News : कागजों पर बने शौचालय, भुगतान भी हुआ; घोटाला उजागर होने पर अधिकारी ने कहा- सब है अफवाह

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सारण में शौचालय घोटाला

केंद्र और राज्य सरकार अरबों रुपए खर्च करके स्वच्छ भारत अभियान एवं लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन जैसी योजनाएं चला रही है ताकि देश के सुदूर ग्रामीण इलाकों को भी ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त किया जा सके। इसके लिए सरकार इन योजनाओं के माध्यम से शौचालय निर्माण करने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12000 रूपये का भुगतान भी कर रहीं हैं। लेकिन सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चौथ वसूली करने के कारण धरातल पर यह योजना मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। जमीनी स्तर पर इस योजना का क्या हाल है, इसकी बानगी सारण जिले के अमनौर प्रखंड में देखने को मिली।

बिना शौचालय बने बंट गई प्रोत्साहन राशि

यहां प्रखंड पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि को लेकर इतना बड़ा घोटाला हुआ है कि सुनकर आप दंग रह जाएंगे। अमनौर प्रखंड क्षेत्र में बिना शौचालय बने ही कई लोगों को प्रोत्साहन राशि 12000 रुपए का भुगतान कर दिया गया। एक ही परिवार के 4-4 सदस्यों के नाम पर राशि निकाल ली गई। यहां तक कि मढ़ौरा प्रखंड के गांव के लोगों को भी अमनौर से पैसा दे दिया गया। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड कार्यालय में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता। 2 हजार दो तो फर्जी भुगतान हो जाएगा, नहीं दो तो असली शौचालय का भी पैसा रोक दिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सरकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचेगा कैसे

कैसे हुई बंदरबांट

स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार अमनौर प्रखंड में नियमों को ताक पर रखकर प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति लाभूक 12000 रूपए का भुगतान किया गया है

बिना शौचालय के भुगतान

जिन घरों में शौचालय बना ही नहीं है, उनके नाम पर भी प्रोत्साहन राशि जारी कर दी गई।

पति-पत्नी दोनों को मिली प्रोत्साहन राशि

अमनौर प्रखंड क्षेत्र में शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि इस तरह से वितरित की गई की एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों के नाम पर अलग-अलग 12 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हुआ।

 एक परिवार में कई सदस्यों को मिली प्रोत्साहन राशि

अमनौर प्रखंड क्षेत्र में प्रखंड पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण एक ही घर के कई सदस्यों के नाम पर शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है।

वसूली का खेल

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के कर्मचारियों द्वारा 2000 से 3000 रुपए की वसूली करके ही फर्जी भुगतान करवाया जा रहा है। जिन लोगों ने पैसा नहीं दिया, उनके नियमानुसार बने हुए शौचालयों का भी भुगतान रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि “पैसा दो तभी नाम चढ़ेगा” का फॉर्मूला चल रहा है।

 केस नंबर –1.बिना शौचालय निर्माण के इनको मिला प्रोत्साहन राशि का लाभ

अमनौर प्रखंड क्षेत्र में बिना शौचालय का निर्माण किये इन लोगों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है।

1. शान्ति देवी, पति- स्व0 भरत महतो

2. मरहिया देवी, पति- बृजमोहन महतो

3. गीता देवी, पति- मदन महतो

4. रुकमीना देवी, पति- अरुण महतो

5. मनीषा कुमारी, पति- मुकुन महतो

6. सोना महतो- गंगा महतो

7. गुड़िया देवी- छोटेलाल महतो

8. सरस्वती देवी- मनमोहन महतो

9. सुनेना देवी- विरेन्द्र महतो

10. विरेन्द्र महतो- असर्फी महतो

11. सरस्वती देवी- विरू महतो

12. चन्द्रावती देवी- धर्मेन्द्र महतो

13. उपेन्द्र महतो- असर्फी महतो

14. जगीया देवी- असर्फी महतो

15. कमली देवी- बालदेव महतो

16. पार्वती देवी- शम्भू महतो

17. लखीया देवी- प्रभू महतो

18. भागमनी देवी- विजय महतो

19. चिरई देवी- विद्या महतो

20. धुपति देवी- सतलाल महतो

केस नंबर -2. पति-पत्नी दोनों को मिली प्रोत्साहन राशि

अमनौर प्रखंड क्षेत्र प्रखंड पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की मिली भगत के कारण पति-पत्नी दोनों को 12000 रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई जानकारी के अनुसार ललीता देवी, पत्नी रामजी प्रसाद- निवासी ग्राम खासपट्टी- वार्ड नंबर 3 , एवं उनके पति रामजी प्रसाद पिता विगन महतो दोनों पति-पत्नी एवं इनकी दो बहुओं गीता देवी एवं मरछीया देवी के नाम से भी शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपए की प्रोत्साहन का भुगतान किया गया है

केस नंबर -3. मढ़ौरा प्रखंड क्षेत्र के 25 लोगों का भुगतान अमनौर प्रखंड से हुआ

अमनौर प्रखंड क्षेत्र में शौचालय निर्माण पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में व्यापक पैमाने पर गड़बड़झाला हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत आने वाले लालपुर ग्राम के लगभग 25 लोगों को शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 12000 रूपए का भुगतान अमनौर प्रखंड से किया गया है। अब यह जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में मढ़ौरा प्रखंड के लाभूको को प्रोत्साहन राशि अमनौर प्रखंड से दी गई

फर्जी भुगतान करने वाले पदाधिकारियों पर हो कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रखंड में शौचालयों की भौतिक जांच कराई जाए और फर्जी भुगतान करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई हो।

अमनौर बीडीओ ने बताया अफवाह, डीएम का बयान आना बाकी

इस संबंध में अमनौर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि इस तरह का कोई मामला अमनौर प्रखंड क्षेत्र से सामने नहीं आया है। ये सब अफवाह है। वहीँ इस संबंध में ‘स्टेट हंट’ ने सारण के डीएम से बात कर इस मामले की जानकारी दी, लेकिन इस मसले पर उनका अधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है। अधिकारिक बयान आने पर अपडेट किया जाएगा।

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