बिहार के सारण जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अवैध हथियारों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद के आवास पर करीब चार घंटे तक सघन छापेमारी की और फिर उनके बेटे को टीम ने गिरफ्तार कर लिया । हालांकि स्थानीय पुलिस ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, लेकिन सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मामला एके-47 के पुर्जों की बरामदगी, विदेशी फंडिंग और हथियारों की अवैध तस्करी से जुड़ा है।
चार घंटे तक सील रहा इलाका
22 अगस्त को दिल्ली और पटना से आई एनआईए की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा बल के साथ परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के घर पर अचानक दबिश दी। छापेमारी के दौरान केंद्रीय टीम ने सादे कपड़ों में पूरे घर को घेर लिया और आवाजाही के सभी रास्ते बंद कर दिए।
मामला मुजफ्फरपुर से है जुड़ा
चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद परिजनों से गहन पूछताछ की गई। कार्रवाई समाप्त होने के बाद टीम मुख्य पार्षद के बेटे व वार्ड पार्षद मोहम्मद करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना ले गई। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई पर अनभिज्ञता जताते हुए आधिकारिक बयान नहीं दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला मुजफ्फरपुर में पूर्व में बरामद हथियारों के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की अवैध सप्लाई से जुड़ा हो सकता है।
पिछली छापेमारी : इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी एनआईए की 5-सदस्यीय टीम ने इसी ठिकाने पर करीब 10 से 12 घंटे तक मैराथन छापेमारी की थी। उस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती के बीच लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच की गई थी। हिरासत में लिए गए करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी अवैध हथियार रखने व तस्करी के मामलों में सामने आ चुका है और वह जेल भी जा चुके हैं।
विदेशी कनेक्शन : सारण क्षेत्र के पूर्व डीआईजी मनु महाराज के कार्यकाल के दौरान भी इस परिवार के यहां विदेशी नागरिकों की आवाजाही और संदिग्ध विदेशी मुद्रा लेनदेन की जांच के सिलसिले में छापेमारी हुई थी। एनआईए की इस कार्रवाई से इलाके के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

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