August 25, 2026
Patna , Bihar
Bihar Education

Bihar : बिहार सहायक प्रोफेसर अभ्यर्थियों ने किसका किया पुतला दहन? यूजीसी के नियमों की अनदेखी करने का लगा रहे आरोप

Assistant Professor burn effigy protest  Assistant Professor Recruitment Rules 2026 Patna Bihar News state hunt news
बिहार सहायक प्रोफेसर अभ्यर्थियों ने किया पुतला दहन

बिहार में सहायक प्रोफेसर भर्ती की नई नियमावली को लेकर शोधकर्ताओं और अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर है। ऑल पी-एच.डी. होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन के बैनर तले पिछले आठ दिनों से जारी अनशन के बीच, आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार और राजभवन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा प्रदर्शन किया। राजधानी पटना के गर्दनीबाग़ स्थित धरना प्रदर्शन स्थल से निकले विरोध जुलूस के बाद प्रदर्शनकारियों ने बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग  के अध्यक्ष गिरीश चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और राजभवन के सचिव दीपक कुमार का पुतला दहन किया।

 विवाद की मुख्य वजह क्या है?

आंदोलन कर रहे सहायक प्रोफेसर अभ्यर्थियों का दावा है कि बिहार नियमावली 2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग  के तय दिशा-निर्देशों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए नियम स्थानीय और उच्च योग्यता वाले उम्मीदवारों के हित के खिलाफ हैं।

इन बातों पर हैं आपत्तियां

आंदोलन कर रहे सहायक प्रोफेसर अभ्यर्थियों का आरोप है कि यूजीसी मानकों की अनदेखी कर रही है।अभ्यर्थियों ने नए नियमों में रिसर्च पब्लिकेशन को कोई महत्व न देने और पूर्व शिक्षण अनुभव को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। भर्ती प्रक्रिया में मैट्रिक और इंटरमीडिएट के अंकों को जोड़ा जा रहा है, इस बात का भी भारी असंतोष है। पीएचडी के लिए मिलने वाले अंकों का वेटेज 30 से घटाकर सीधे 11 अंक कर देने से भी अभ्यर्थियों में नाराजगी है। उनकी मांग है कि अधिकतम आयु सीमा को अचानक 55 वर्ष से घटाकर 43 वर्ष कर दिया गया है, जिसे वापस 55 करना चाहिए।

स्थानीय अभ्यर्थियों के साथ अन्याय

आंदोलनकारियों का आरोप है कि मैट्रिक और इंटर के अंकों को जोड़ने से दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि राज्य के उच्च डिग्री धारक पिछड़ जाएंगे।

इसके साथ ही संघ ने अपनी अन्य प्रमुख मांगें भी सामने रखी हैं:

1. अंगिका, भोजपुरी और मगही विषयों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा का तत्काल आयोजन।

2. सभी विषयों के लिए BAT परीक्षा की शुरुआत।

3. अतिथि शिक्षकों  का समायोजन।

4. विश्वविद्यालयों से डिग्री कॉलेजों को अलग न करने की नीति।

 आठ दिनों से अनशन पर डटे अभ्यर्थी

पुतला दहन कार्यक्रम में डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. विभुरंजन, चंदन कुमार, डॉ. शोभा कुमारी और वंदना सिंह समेत सैकड़ों की संख्या में शोधकर्ता शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर, मांगों के समर्थन में कुमुद पटेल, अभिषेक मेहता और बिक्कू सिंह प्रधान बीते आठ दिनों से लगातार आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस असंवैधानिक नियमावली को वापस लेकर यूजीसी के मानक लागू नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Leave feedback about this

  • Quality
  • Price
  • Service

PROS

+
Add Field

CONS

+
Add Field