बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और बेगूसराय के उप-विकास आयुक्त व तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक लापरवाही और पटना हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना के मामलों में दोषी पाए जाने के बाद उन पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें वर्तमान पद से हटाने की सिफारिश की गई है।
महाराजगंज में पदस्थापना के दौरान तीन प्रमुख मामलों में पाए गए दोषी
सिवान जिले के महाराजगंज में पदस्थापना के दौरान अनिल कुमार के खिलाफ जांच में कई आरोप साबित हुए। उनपर पहला आरोप लगभग 26 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। बताया जाता है कि अनुमंडल कार्यालय के ₹25,92,417 का हिसाब स्पष्ट नहीं होने और बैंक खाते का रोकड़ बही से मिलान नहीं हो पाया। जांच में इसे गंभीर पर्यवेक्षीय चूक माना गया। साथ ही अनिल कुमार पर वेतन रोकने और मानसिक उत्पीड़न करने का भी आरोप है। बताया जाता है कि बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए छह प्रखंड स्तरीय अधिकारियों का उन्होंने वेतन रोक दिया था। उनके इस कार्य को पद का दुरुपयोग माना गया। एसडीएम् अनिल कुमार पर कार्रवाई में ढिलाई करने का भी गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि राशन डीलर पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी लाइसेंस निलंबन में 10 दिनों का विलंब किया गया, जिससे जन वितरण प्रणाली प्रभावित हुई थी।
मिली यह सजा: अनुशासनिक प्राधिकार ने अनिल कुमार के स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए उन्हें ‘निंदा’ का दंड दिया है और उनकी एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद कराया जबरन कब्जा
बेगूसराय में एसडीएम रहते हुए अनिल कुमार पर पटना हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का गंभीर आरोप लगा है। बताया जाता है कि रैयती भूमि विवाद मामले में हाईकोर्ट द्वारा 16 जनवरी 2026 को स्टे ऑर्डर दिए जाने और इसकी सूचना मिलने के बावजूद, उन्होंने 18 जनवरी 2026 को जबरन दखल-कब्जे की कार्रवाई कराई थी।
एसडीएम् के कारण वरिष्ठ अधिकारी अवमानना में फंसे: इस लापरवाही के कारण बेगूसराय के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत आठ अधिकारियों को हाईकोर्ट में अवमानना याचिका का सामना करना पड़ा।
SDM पद से तत्काल हटाने की अनुशंसा : महाधिवक्ता की समीक्षा बैठक के बाद अनिल कुमार के आचरण को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल पाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उन्हें तुरंत एसडीएम के पद से मुक्त करने की सिफारिश की गई है। फिलहाल अनिल कुमार की राहें बहुत मुश्किल हो गई हैं।

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