निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी टीम ने खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में मनरेगा के दो अधिकारियों को 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कार्यक्रम पदाधिकारी रमन कुमार और लेखापाल मो. शाहिद अकरम शामिल हैं।
50 हजार रुपए रिश्वत की थी मांग
इस संबंध में निगरानी ब्यूरो का कहना है कि इस मामले में 24 जुलाई 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या-088/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अलौली थाना क्षेत्र के मिश्रारीडीह निवासी विपिन कुमार हैं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि मनरेगा योजना के तहत आपूर्ति की गई सामग्रियों के बिल भुगतान के एवज में कार्यक्रम पदाधिकारी और लेखापाल द्वारा 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। फिर पुलिस उपाधीक्षक मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में विशेष धावा दल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुएदोनों आरोपियों को अलौली प्रखंड कार्यालय परिसर से 45 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विशेष न्यायालय में होगी पेशी
निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें भागलपुर निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2026 का 88वां भ्रष्टाचार मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज यह 88वीं प्राथमिकी है। इनमें 81 ट्रैप कांड दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें अब तक 82 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि वर्ष 2026 में अब तक ट्रैप मामलों में 29,63,800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। वहीं, वर्ष 2025 में 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।

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