बिहार में शादी-विवाह के मौकों पर देर रात तक बजने वाले डीजे, सड़कों पर गाड़ियों के कानफोड़ू प्रेशर हॉर्न और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले शोर-शराबे पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को पूरे राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब शादी समारोहों, सड़कों और शैक्षणिक व चिकित्सीय संस्थानों के आसपास बिना अनुमति तेज आवाज में लाउडस्पीकर या डीजे बजाने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
हाईकोर्ट के मुख्य निर्देश और पाबंदियां
रात 9:55 बजे के बाद नहीं बजेगा डीजे : शादी समारोहों, सार्वजनिक आयोजनों या पार्टियों में रात 9:55 बजे के बाद डीजे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और म्यूजिक सिस्टम पूरी तरह बंद करने होंगे।
दिन में भी तय होगी डेसिबल सीमा : यह पाबंदी केवल रात तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दिन में भी लाउडस्पीकर और डीजे की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखनी होगी।
मैरिज हॉल और डीजे संचालकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य : सभी डीजे संचालकों, बैंक्वेट हॉल और मैरिज हॉल मालिकों को संबंधित अनुमंडल अधिकारी कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इनकी पूरी जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज रहेगी, ताकि नियम उल्लंघन पर तुरंत जवाबदेही तय की जा सके।
अस्पतालों और स्कूलों के पास साइलेंस जोन : शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के आसपास के क्षेत्रों को साइलेंस जोन घोषित कर वहां नो हॉर्न और नो लाउडस्पीकर के स्पष्ट बोर्ड लगाए जाएंगे।
प्रेशर हॉर्न पर पुलिस का शिकंजा, लगेगा भारी जुर्माना
सड़कों पर बेवजह और तेज प्रेशर हॉर्न बजाने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कटिहार का उदाहरण : सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष कटिहार के पोठिया में चलाए गए विशेष अभियान का उदाहरण रखा गया, जहां महज एक सप्ताह में प्रेशर हॉर्न के अवैध इस्तेमाल पर ₹1.10 लाख का जुर्माना वसूला गया था।
डिजिटल डिस्प्ले से होगी ध्वनि निगरानी
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सार्वजनिक स्थानों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। ये बोर्ड वास्तविक समय में ध्वनि का स्तर प्रदर्शित करेंगे और लोगों को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों व कानूनी सीमाओं के प्रति जागरूक करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

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