बिहार में छात्रों के लगातार उग्र होते आंदोलन और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह हरकत elertएलर्ट मोड में आ गई है। पूरे प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की सभी प्रकार की छुट्टियों पर अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
24 जुलाई से लागू होगा फैसला, DGP की मिली मंजूरी
पुलिस मुख्यालय के विधि-व्यवस्था प्रभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 24 जुलाई 2026 से प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में अवकाश पूरी तरह स्थगित रहेंगे। 23 जुलाई को जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय राज्य में विशेष विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस फैसले को बिहार के पुलिस महानिदेशक की औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। सभी संबंधित अधिकारियों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया गया है। हालांकि अत्यंत विशेष या आपातकालीन परिस्थितियों में सीमित छूट दी जा सकेगी।
सड़कों पर उपद्रव और नेताओं पर हमले के बाद बढ़ी सतर्कता
प्रशासन का यह सख्त रुख बुधवार को पटना और राज्य के अन्य जिलों में हुए भारी बवाल के बाद देखने को मिला है। प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया गया। भाजपा नेताओं के वाहनों पर हमले किए गए और उनके साथ हाथापाई की गई। राज्य के कई अन्य जिलों से भी तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाएं की गईं। इसलिए छात्र संगठनों द्वारा आंदोलन जारी रखने के ऐलान को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर, पूरे राज्य में ‘हाई अलर्ट’
संभावित विरोध-प्रदर्शनों और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। सभी जिलों के संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। किसी भी आपात स्थिति या तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालने का आदेश दिया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सड़कों पर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी से स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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