बिहार की राजधानी पटना में अपराधी बेखौफ हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा ढीठ हैं पुलिस प्रशासन। परिजन का यह आरोप पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। मामला दीदारगंज थाना क्षेत्र का है जहाँ अपराधियों ने एक छात्र को फोन कर घर से बाहर बुलाया और खेत में ले जाकर उसे गोली मार दी। घायल छात्र को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
घर से बुलाकर मार दी गोली
मृतक की पहचान कोटिया निवासी राजू यादव के पुत्र हर्ष कुमार के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मृतक हर्ष के पिता राजू यादव ने बताया कि हर्ष अपने घर पर था तभी उसे चार लड़कों का फोन आया। फोन करने वालों ने उसे मिलने के बहाने बुलाया। हर्ष जैसे ही घर से बाहर निकला, वे उसे पास के एक खेत में ले गए। वहाँ घात लगाए अपराधियों ने हर्ष के सीने में गोली मार दी और फिर घटनास्थल से फरार हो गए।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद मृतक के पिता राजू यादव ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद पुलिस का रवैया बेहद उदासीन रहा। राजू यादव ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस को फोन किया, तो वहाँ से जवाब मिला कि पहले थाने आकर लिखित आवेदन दो, तब कार्रवाई होगी। फिर उन्होंने पटना एसएसपी से शिकायत की और दबाव बनाया, तब जाकर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची।
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एनएमसीएच में तोड़ा दम
गोली लगने के बाद परिजन हर्ष को लहूलुहान हालत में लेकर तुरंत एनएमसीएच ले गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार और बचाने की कोशिशों के बीच हर्ष की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में तनाव का माहौल है।
जांच में जुटी पुलिस
काफी देर से पहुँची पुलिस अब मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस के अनुसार, अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि उन चार लड़कों तक पहुँचा जा सके जिन्होंने हर्ष को फोन करके बुलाया था।

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