जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जल समझौते के मुद्दे पर राजद नेताओं की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए संजय झा ने कहा कि 1996 में जब यह समझौता हुआ था, तब बिहार में किसकी सरकार थी और किसने इस पर हस्ताक्षर किए थे, इसका जवाब राजद नेतृत्व को देना चाहिए। संजय झा ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने 30 वर्षों के लिए यह समझौता करके बिहार के हितों को भारी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस समझौते के खिलाफ है और उसने केंद्र सरकार से इसे आगे न बढ़ाने का अनुरोध किया है।
छात्र आंदोलन और राजनीतिक साजिश
राज्य में छात्रों और ‘जेन-जी’ के बढ़ते असंतोष तथा प्रदर्शनों पर सफाई देते हुए जदयू नेता संजय झा ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और समय पर उचित निर्णय लिए जाएँगे। संजय झा ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व छात्रों के आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और सभी जायज मांगों का समाधान निकाला जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और विपक्ष के आरोप
बिहार सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई नई योजनाओं का स्वागत करते हुए संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में महिला सशक्तिकरण की जो नींव रखी है, वह इतिहास में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार उसी नीति को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को बड़े अवसर प्रदान कर रही है।
विपक्ष का काम केवल आरोप लगाना
दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के मुद्दे पर तेजस्वी यादव द्वारा सरकार को लाठीमार सरकार कहे जाने पर संजय झा ने कहा कि विपक्ष का काम केवल आरोप लगाना रह गया है। छात्रों के मुद्दे पर इस तरह की राजनीति करने के बजाय संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है।

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