NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और देशव्यापी छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद जारी एक भावुक संदेश में उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम से वे अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है। धर्मेन्द्र प्रधान ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा प्रणाली ही ‘सशक्त भारत’ की आधारशिला है।
सरकार ने लिया त्वरित एक्शन
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं की शिकायत मिलते ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और पूर्व की परीक्षा को रद्द कर दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि आगामी सत्र से NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र और राज्य सरकारों तथा जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए परीक्षा का सफल और सुचारू आयोजन सुनिश्चित किया गया।
मेधावी छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे
इस्तीफे के कारणों और अपनी नैतिक जिम्मेदारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रथम दिन से ही इस प्रकरण की पूर्ण जवाबदेही ली थी। उन्होंने आगे कहा कि, “मेरा संकल्प था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का करियर दांव पर न लगे। 16 जुलाई को घोषित परिणाम संतोषजनक रहे, जिससे कई गरीब व वंचित पृष्ठभूमि के होनहारों को सफलता मिली है। हालांकि, इस दौरान कुछ तत्वों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और बाधाएं उत्पन्न करने के प्रयास से मुझे गहरा आघात पहुँचा है।
जंतर-मंतर के हालात पर चिंता
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने सचेत किया कि राष्ट्रविरोधी ताकतों को इस स्थिति का लाभ नहीं उठाने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी भ्रम के कुचक्र में न फंसें, कानूनी पेचीदगियों से दूर रहें और अपनी पूरी एकाग्रता करियर निर्माण पर केंद्रित करें।
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का आभार
इस्तीफे के अंत में, धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए उनका हृदय से धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने अपने मंत्रालय के अधिकारियों और सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय है। प्रभु श्री जगन्नाथ के आशीर्वाद से, वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए समर्पित रहेंगे।
तिरंगा लेकर बंद का समर्थन करने पहुंचे तेज प्रताप यादव
बिहार बंद के समर्थन में तेज प्रताप यादव भी तिरंगा लेकर पटना के गांधी मैदान पहुंचे। वहीं, गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी जुटे थे। पटना पुलिस ने तेज प्रताप यादव को कुछ देर के लिए डिटेन कर लिया। हालाँकि कुछ देर के बाद उनको छोड़ दिया गया।

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