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Bihar News : 3500 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज और डायवर्जन पर दिखीं दरारें, NHAI और निर्माण एजेंसी ने शुरू कराया मरम्मत कार्य

3500 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज और डायवर्जन पर दिखीं दरारें, NHAI और निर्माण एजेंसी ने शुरू कराया मरम्मत कार्य

3500 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज और डायवर्जन पर दरार दिखने के बाद मरम्मत कार्य शुरू

बिहार की महत्वाकांक्षी बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बनी 107 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क पर निर्माण पूरा होने के महज दो साल के भीतर कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। ओवरब्रिजों और डायवर्जन पर उभरी इन दरारों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर 2020 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। जून 2024 में सड़क का निर्माण पूरा हुआ और इसके शुरू होने से बख्तियारपुर से रजौली तक की यात्रा काफी आसान हो गई। लेकिन अब सड़क के कई हिस्सों में दरारें सामने आने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। दरारों की सूचना मिलने के बाद एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे। फिलहाल प्रभावित हिस्सों पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और सड़क को जल्द सामान्य स्थिति में लाने का दावा किया जा रहा है।

निर्माण एजेंसी गावर कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर राजन कुमार त्रिपाठी ने गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क में आई दरारें तापमान में बदलाव, मौसम के प्रभाव और बरसात के दौरान पानी के रिसाव जैसी प्राकृतिक वजहों से आई हैं। उन्होंने कहा कि यह सामान्य मेंटेनेंस प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे सड़क की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि निर्माण एजेंसी अगले 15 वर्षों तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदार है। निर्धारित मानकों के अनुसार समय-समय पर क्रैक सीलिंग, मरम्मत और आवश्यकता पड़ने पर क्षतिग्रस्त हिस्सों को बदलने का काम किया जाता रहेगा। उनका दावा है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया।

हालांकि, निर्माण एजेंसी इसे सामान्य रखरखाव बता रही है, लेकिन निर्माण के इतने कम समय में फोरलेन सड़क और ओवरब्रिजों पर दरारें दिखाई देना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मरम्मत के बाद यह सड़क भविष्य में कितनी टिकाऊ साबित होती है।

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