मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन, भागलपुर और मुंगेर में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, शहरी विकास, पर्यटन, शिक्षा, पंचायत व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए।
AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव पर बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही संस्था के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसका उद्देश्य राज्य में ए आई आधारित तकनीक, नवाचार और शोध को बढ़ावा देना है।
बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी बनेगी
पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के तहत धार्मिक और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक रोपवे सुविधाओं के विकास के लिए बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। कंपनी का गठन कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किया जाएगा।
भागलपुर और मुंगेर में नए एयरपोर्ट का रास्ता साफ
कैबिनेट ने भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 1,425.11 एकड़ और मुंगेर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 1,720.11 एकड़ भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी। दोनों परियोजनाओं के लिए कुल 1,329.58 करोड़ रुपये की अनुमानित मुआवजा राशि स्वीकृत की गई।
इसके अलावा राजगीर, रोहतास और कैमूर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच एमओयू को भी मंजूरी दी गई।
पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा
कैमूर जिले के मां मुंडेश्वरी भवानी मंदिर परिसर में निर्मित धर्मशाला एवं छात्रावास के संचालन और रखरखाव का अधिकार मंदिर न्यास समिति को सौंपने की मंजूरी दी गई। वहीं, सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित माता सीता की जन्मस्थली के विकास और प्रबंधन के लिए गठित श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर न्यास समिति की ट्रस्ट डीड को भी स्वीकृति मिली।
साथ ही बिहार पर्यटन सेवा नियमावली, 2026 और बिहार पर्यटन अपर सेवा संवर्ग नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
शहरी विकास की परियोजनाओं को हरी झंडी
अमृत 2.0 योजना के तहत कई महत्वपूर्ण जलापूर्ति एवं सीवरेज परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
हाजीपुर सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी परियोजना – 232.90 करोड़ रुपए
खगड़िया जलापूर्ति परियोजना – 170.86 करोड़ रुपए
सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना – 197.12 करोड़ रुपए
समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना – 228.45 करोड़ रुपए
इसके अलावा उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई।
जेलों में पूर्व सैनिकों का मानदेय बढ़ा
राज्य की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक-सह-कक्षपालों का मासिक मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया। साथ ही जेलों में मृत बंदियों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए नई नीति बनाने का निर्णय भी लिया गया।
पंचायतों और शिक्षा क्षेत्र में अहम फैसले
कैबिनेट ने बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। साथ ही पंचायत क्षेत्रों के गठन और परिसीमन के लिए जनसंख्या आधारित अधिसूचना प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की “उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” योजना के तहत पहले से चयनित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के अलावा अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी चरणबद्ध तरीके से आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था
महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस गश्त को मजबूत करने के उद्देश्य से स्कूटी एवं मोटरसाइकिल खरीद योजना में संशोधन किया गया। अब 1,500 स्कूटी में 1,000 पेट्रोल और 500 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे जाएंगे। इसके अलावा 3,200 मोटरसाइकिलों की खरीद भी की जाएगी।
अन्य प्रमुख निर्णय
बिहार खनिज (समनुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गईं है। मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना में ‘सहारा’ योजना को समाहित करने का निर्णय लिया गया है। बिहार मोटरवाहन कराधान अधिनियम, 1994 के तहत व्यापार कर की दरों में संशोधन किया जाएगा। पश्चिम चंपारण की समेकित आदिवासी विकास परियोजनाओं की अवधि 2030-31 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गईं है। इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने तकनीकी विकास, बुनियादी ढांचा, पर्यटन, शिक्षा, शहरी सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में नई पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

