बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के प्रारूप को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की आखिरकार जीत हो गई है। राज्य सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए TRE-4 के तहत अलग-अलग पीटी और मेन्स परीक्षा कराने का फैसला वापस ले लिया है। अब इसकी जगह केवल एक एकल परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट की मांग पर भी सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के इन फैसलों की पुष्टि की।
10 दिनों से जारी अनशन खत्म
सरकार के इस सकारात्मक कदम के बाद पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से अनशन पर बैठे छात्र नेता अमन और जान्हवी ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। मांगें पूरी होने पर छात्र नेता सौरभ ने कहा कि यह छात्र एकता और लगातार किए गए संघर्ष की ऐतिहासिक जीत है।
अफसर के विवादित बयान पर कार्रवाई, एग्जाम कंट्रोलर निलंबित
आंदोलन के दौरान गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर विवादित टिप्पणी किए जाने से मामला काफी गहरा गया था। दरअसल, बीपीएससी के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंदोलनकारी छात्रों की तुलना भौंकने वाले कुत्तों से कर दी थी। उनके इस बयान के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। विवाद बढ़ता देख एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगी। वहीं, मामला तूल पकड़ते ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

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