कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलने के बाद अब उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस नेतृत्व उनके आवास पर हमला करवा सकता है। शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी जान-माल के खतरे की आशंका जताते हुए सनसनी फैला दी है।
पुतला दहन के बहाने घर पर आक्रमण की साजिश
शकील अहमद ने अपने पोस्ट में लिखा कि अभी-अभी कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से मुझे सूचित किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस को आदेश दिया है कि मंगलवार को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी स्थित आवास पर आक्रमण किया जाए। उन्होंने इसे जनतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए पार्टी के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी को बताया था असुरक्षित और डरपोक
विवाद की शुरुआत शकील अहमद के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर कड़े सवाल उठाए थे। एक पॉडकास्ट में उन्होंने राहुल गांधी को सबसे डरपोक और असुरक्षित नेता करार दिया था। शकील अहमद का दावा है कि राहुल गांधी कांग्रेस में मजबूत नेताओं को पसंद नहीं करते और केवल उन्हीं के साथ काम करते हैं जहाँ उन्हें बॉस वाली फीलिंग मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे केवल नाम के अध्यक्ष हैं, जबकि पर्दे के पीछे से सारे बड़े फैसले राहुल गांधी ही लेते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता मुस्लिम नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने से डरते हैं ताकि उनका हिंदू वोट बैंक न खिसक जाए।
संविधान बचाओ आंदोलन को बताया फ्लॉप शो
शकील अहमद ने राहुल गांधी के संविधान बचाओ अभियान और अन्य रणनीतियों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर इन आंदोलनों का कोई असर नहीं है और मुस्लिम समाज भी राहुल के दावों से सहमत नहीं है।
पार्टी से नहीं, व्यक्ति से है नाराजगी
इतने कड़े हमले के बावजूद शकील अहमद ने साफ किया कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से कोई शिकायत नहीं है और न ही वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। उनकी नाराजगी केवल राहुल गांधी की कार्यशैली और वरिष्ठ नेताओं के प्रति उनके व्यवहार को लेकर है।

