बिहार की सड़कों को अब चकाचक करने के लिए नीतीश सरकार एक अनोखी और सख्त पॉलिसी लागू करने जा रही है। राज्य के पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में अब सड़कों पर गड्ढे ढूंढने वालों को सरकार की ओर से 5000 रुपये का इनाम दिए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों और इंजीनियरों की जवाबदेही तय करना है।
72 घंटे में भरे जाएंगे गड्ढे, तैनात होगी रोड एंबुलेंस
पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि राज्यभर में नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी 15 फरवरी के बाद लागू कर दी जाएगी। इस पॉलिसी के तहत पूरे बिहार में विशेष रोड एंबुलेंस गाड़ियां तैनात की जाएंगी, जो सड़कों की मरम्मत के लिए जरूरी उपकरणों से लैस होंगी। इन एंबुलेंस के संपर्क नंबर यानी हेल्पलाइन नंबर हर प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। कॉल आने के महज 72 घंटों के भीतर संबंधित विभाग को सड़क का गड्ढा ठीक करना होगा। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने दावा करते हुए कहा कि 15 फरवरी के बाद बिहार की सड़कों पर एक भी गड्ढा नहीं बचेगा। यह पॉलिसी न केवल सड़कों को दुरुस्त रखेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर भी लगाम लगाएगी।
इंजीनियरों और ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा
पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने दावा करते हुए कहा कि गड्ढा बताओ, इनाम पाओ वाली यह देश की पहली ऐसी पॉलिसी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना से ठेकेदारों के मन में डर पैदा होगा और विभाग के इंजीनियर अधिक सतर्क रहेंगे। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर सड़क पर एक भी गड्ढा मिला, तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरेगी। गौरतलब है कि हाल ही में लापरवाही के आरोप में शिवहर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत दो अन्य को सस्पेंड किया गया है। दिलीप जायसवाल ने अपने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि जब वह भूमि राजस्व मंत्री थे, तब उन्होंने 136 लापरवाह पदाधिकारियों पर कार्रवाई की थी।
बिहार को मिलेंगे 5 नए एक्सप्रेसवे
सड़कों के रख-रखाव के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि आने वाले समय में बिहार में 5 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। इसके अलावा, सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि इन सड़क परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार कैसे उपलब्ध कराया जाए।

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