बिहार की सियासत में एक बार फिर जमीन के बदले नौकरी और भ्रष्टाचार के जिन्न ने हलचल तेज कर दी है। जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव के परिवार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नए दस्तावेजों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज कुमार ने पटना के महुआ बाग और सगुना क्षेत्र की कीमती जमीनों के लेन-देन का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए इसे पद के बदले लाभ का सीधा मामला करार दिया है।
चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का दान कनेक्शन
जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि पटना के धनोत महुआ बाग की जमीन 29 मार्च 2008 को रेलवे के दो चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों—हृदय आनंद चौधरी और ललन चौधरी ने खरीदी थी। महज कुछ वर्षों बाद, 13 फरवरी 2014 को यही जमीन लालू यादव की पुत्री हेमा यादव को दान में दे दी गई। जदयू नेता ने सवाल उठाया कि एक मामूली वेतन पाने वाले कर्मचारी के पास करोड़ों की जमीन खरीदने और फिर उसे राजनेताओं के बच्चों को दान करने की हैसियत कहाँ से आई?
सगुना की बेशकीमती जमीन और राबड़ी देवी
भ्रष्टाचार का दूसरा मामला सगुना नया टोला से जुड़ा है। दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया कि ललन चौधरी नामक कर्मचारी ने 30 मार्च 2009 को यह जमीन खरीदी थी। ठीक पांच साल बाद, 25 जनवरी 2014 को यह जमीन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम पर उपहार के रूप में हस्तांतरित कर दी। नीरज कुमार ने इसे भ्रष्टाचार का एक सुव्यवस्थित पैटर्न बताया।
बाजार भाव से कम पर बेटियों के नाम रजिस्ट्री
तीसरे मामले में नीरज कुमार ने महुआ बाग की चर्चा की। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर 2003 को नीलम मिश्रा, नीलम झा और सरोज चौधरी ने लालू यादव की पुत्री अनुष्का राव (धुननु) को यह जमीन मात्र 5.31 लाख रुपये में बेच दी थी। आरोप है कि सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर यह सौदा किया गया।
ए के इंफोसिस्टम और मालिकाना हक का खेल
जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने महुआ बाग की एक अन्य जमीन का जिक्र किया, जिसे हजारी राय से मेसर्स ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने अधिग्रहित किया था। नीरज कुमार के अनुसार, इस कंपनी के तत्कालीन निदेशक अमित कटियाल थे, लेकिन आज इस कंपनी की कमान खुद राबड़ी देवी के हाथों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि शेल कंपनियों के माध्यम से जमीन की हेराफेरी कर अवैध संपत्ति बनाई गई है।
आकाओं को खुश करने की राजनीति
इन आरोपों पर राजद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं की राजनीति बिना लालू यादव का नाम लिए नहीं चलती। वे केवल अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए इस तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
एक्शन में सरकार, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि हमें इस संबंध में साक्ष्यों के साथ शिकायतें मिली हैं। विभाग को पूरे मामले की गहन जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी होगा, उस पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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