बिहार के दरभंगा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक नवविवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने ‘दहेज की वेदी’ पर चढ़ाने की कोशिश की। आरोप है कि दहेज़ के लिए विवाहिता को बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस की सक्रियता से महिला को दरिंदों के चंगुल से मुक्त कराया गया। मामला सिमरी थाना क्षेत्र के बिरदीपुर गांव की है।
दुबई जाते ही शुरू हुआ जुल्म का दौर
मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना अंतर्गत बसंत गांव की रहने वाली नासरीन ने अपनी बेटी बेबी रानी का निकाह बड़े अरमानों के साथ 20 मई को दरभंगा के बिरदीपुर निवासी मो. अजहर से किया था। शादी के कुछ ही वक्त बाद, 1 अगस्त को अजहर काम के सिलसिले में दुबई चला गया। आरोप है कि पति के विदेश जाते ही ससुराल वालों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
कमरे में बंद कर करते थे प्रताड़ित
घटना के संबंध में पीड़िता की माँ का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर बेबी रानी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। विवाद सुलझाने के लिए पिछले 6 महीनों में कई बार सामाजिक स्तर पर पंचायतें भी हुईं, लेकिन लालची ससुराल वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। हद तो तब हो गई जब पिछले कई दिनों से बेबी रानी को एक अंधेरे कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और उसे दाने-दाने के लिए तरसा दिया गया।
डायल 112 ने बचाई जान
बेटी के बंधक होने की सूचना मिलते ही माँ नासरीन आनन-फानन में सिमरी थाना पहुँचीं। परिजनों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। दुल्हन के बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। पुलिस जब बिरदीपुर पहुँची, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई। विवाहिता को बदहवास हालत में कमरे से बाहर निकाला गया। भूख और प्रताड़ना के कारण उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। बेटी की हालत देख माँ का कलेजा फट गया। उसे तुरंत सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है।
आवेदन मिलने पर पुलिस करेगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर सिमरी थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को रेस्क्यू किया है। वर्तमान में पीड़िता का इलाज कराया जा रहा है ताकि उसकी स्थिति स्थिर हो सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लिखित आवेदन मिलते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

